Connect with us

बचल खुचल

मोदी के नेपाल दौरे से नेपाल के कारोबारियों को कई उम्मीदें

Published

on

nepal

whitemirchi.com
फरीदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से दो दिन के नेपाल दौरे के लिए रवाना हो गए हैं। पीएम मोदी के नेपाल दौरे से कई अटकले लगाई जा रही है जिसके चलते नेपाल के कारोबारी मोदी के नेपाल दौरे से खुश हैं और उनके इस दौरे से उम्मीदें जोड़े बैठे हैं। आपको बता दें की भारत देश में 2016 में हुई नोटबंदी के बाद नेपाल में बड़ी संख्या में 500 और 1000 के भारतीय नोट मौजूद हैं। जिन्हें आरबीआई ने वापस नहीं लिया है।
सूत्रों की माने तो मोदी के नेपाल दौरे पर जाने से वहां के कारोबारियों को एक उम्मीद सी जग गई है जिसके चलते नेपाल के कई होटल मालिकों नेे नेपाल के पीएम ओली से अनुरोध किया है कि वह नोटबंदी के बाद 500 और 2000 के भारतीय नोटों के सम्बन्ध में पीएम मोदी से बात करें और जल्द ही कोई समझौता करें। नोटबंदी के बाद बंद हुए नोटों पर नेपाल के होटल मालिकों का कहना है कि इस तरह के भारतीय मुद्रा नोटों के लिए विनिमय सुविधा के कारण नेपाल में भारतीय पर्यटकों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। जो नेपाल के लिए एक गंभीर विषय है। सूत्रों के अनुसार होटल एसोसिएशन नेपाल (एचएएन) के अध्यक्ष अमर मैन श्रेस्थ की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने नेपाल के विदेशी मुद्रा विभाग नेपाल बैंक (एनआरबी) के अधिकारियों से मुलाकात की और उनसे आग्रह किया कि वे नेपाल में 500 रुपये और 2,000 बैंक नोटों के लेनदेन की अनुमति दें। भारत सरकार ने नेपाल को पहले से ही 500 और 2000 के नए भारतीय नोटों के उपयोग करने की इजाजत दे दी है। हालांकि, नेपाल सरकार ने देश में अभी इनका उपयोग करने की इजाजत नहीं दी है।
आपको बता दें की नेपाल का दौरा करने वाले पर्यटकों में भारत एक प्रमुख देश है और सभी भारतीय पर्यटक का क्रेडिट कार्ड यहां चलता नहीं है। यात्रा करने वालों में अधिकतर छोटी यात्रा के लिए नेपाल आते हैं और नकद लेना ही पसंद करते हैं। इस बीच एनआरबी के डिप्टी गवर्नर चिंतमनी सिवाकोटी ने कहा कि भारत सरकार को पहले एनआरबी को अनुरोध करने के लिए एक पत्र लिखना चाहिए ताकि उच्च भारतीय बैंक नोट्स से लेनदेन की अनुमति दी जा सके। वर्तमान में भारतीय सरकार भारतीय और नेपाली नागरिकों को 25,000 रुपये तक नकद में रखने की इजाजत देती है, लेकिन भारत सरकार ने नोटबंदी के बाद भारतीय मुद्रा के लिए विनिमय सुविधा प्रदान नहीं की है। अब देखना ये होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेपाल दौरे का वहां के कारोबारियों का किया फैसला होगा।

बचल खुचल

जिज्ञासु ने किताब में दर्द जमा किए हैं – रणबीर सिंह

mm

Published

on

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ रणबीर सिंह ने किया पूर्व आयकर अधिकारी के काव्य का विमोचन

फरीदाबाद।
काव्य जीवन जलधि के मोती वास्तव में जीवन के दर्दों का संग्रह है। जो हमारा ध्यान बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करता है। यह सभी को अवश्य ही पढऩी चाहिए। यह बात दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ रणबीर सिंह ने कही। वह यहां होटल राजहंस में पूर्व आयकर अधिकारी हुकम सिंह दहिया जिज्ञासु के काव्य का विमोचन करने पहुंचे थे।
कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री सिंह ने युवाओं से अपील की कि बेशक आज आपके पास अनेक साधन मौजूद हों लेकिन आप साहित्य अवश्य ही पढें। यह जीवन सिखाते हैं। श्री सिंह ने कहा कि इस पुस्तक को चार प्रमुख भागों में बांटा गया है, जिनमें लेखक की फिक्र, सोच, अहसास और इरादे साफ साफ नजर आते हैं। यह पुस्तक हमें एक उम्मीद बांधती है कि हम अपनी रोशनी खुद बन सकते हैं। इसमें एक बेहतर भविष्य की रचना की गई है, जिसमें पुराने बंधन दिखाई नहीं देते। वास्तव में पुस्तक में संग्रहित लेखक के मसले आज सबके मसले हैं। बता दें कि श्री सिंह लेखक के भतीजे भी लगते हैं। इसलिए वह पूरे संबोधन में लेखक को चाचा ही बोलते रहे। उन्होंने चाचा भतीजे की नजदीकियों का भी जिक्र किया।


पुस्तक की समीक्षा मशहूर शायर एवं कवि ज्योति संग ने की। उन्होंने कहा कि जिज्ञासु ने पुस्तक में भावनाओं और संवेदनाओं को संयोजित किया है। उन्होंने पुस्तक को महाकाव्य कहे जाने की संस्तुति की। अधिवक्ता आर के मल्होत्रा ने कहा कि लेखक मेरे मित्र हैं, लेकिन आज उनकी रचना को पढक़र मैं उनके प्रति और संवेदनशील हो गया हूं। उन्होंने पुस्तक में मन, ईश्वर और प्रकृति के बारे में अपनी राय लिखी है जो आज के समय में बेहद जरूरी है।
लेखक हुकम सिंह दहिया जिज्ञासु ने काव्य की अपनी कुछ चुनिंदा पंक्तियों को गाकर प्रस्तुत किया। जिसे सभी ने सराहा। उन्होंने बताया कि उनकी पुस्तक अमेजन और फ्लिपकार्ट पर भी उपलब्ध है। कार्यक्रम में कवि राजेश खुशदिल और कवि एस एन भारद्वाज ने भी अपनी रचनाओं से लोगों की वाहवाही लूटी। वहीं संचालन कवि श्रीचंद भंवर ने व संयोजन लेखक के पुत्र एवं गुजरात कैडर के आईएएस अजय दहिया ने किया।
इस अवसर पर पूर्व आयकर अधिकारी रामदत्त शर्मा, डीडीए के पूर्व उपनिदेशक प्रेम सिंह दहिया, कर्मचंद आदि प्रमुख व्यक्ति मौजूद रहे।

Continue Reading

बचल खुचल

उन्होंने बचपन में ही कह दिया था इन अंग्रेजों की किताब तो बिलकुल नहीं पढ़ूँगा

mm

Published

on

पूरा विश्व 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को मनाता है| “स्वामी विवेकानंद ने राष्ट्र निर्माण और सार्वभौमिक भाईचारे के प्रति युवा शक्ति को बहुत महत्व दिया था। भारत के महान आध्यात्मिक और सामाजिक नेताओं में से एक, स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन को सम्मानित करने के लिए12 जनवरी को चुना गया था। इस दिन देश भर में जगह जगह  परेड, खेल कार्यक्रम, संगीत, सम्मेलन, स्वयंसेवक परियोजनाओं, और युवा उपलब्धियों के प्रदर्शनों जैसे कार्यक्रम किये जाते हैं| स्वामी विवेकानंद भारत के एक हिंदू  भिक्षु थे। स्वामी जी ने 19 वीं और 20 वीं शताब्दी के बढ़ते भारतीय राष्ट्रवाद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, हिंदू धर्म के कुछ पहलुओं को फिर से परिभाषित और सामंजस्यपूर्ण बनाया। उनकी शिक्षाओं और दर्शन ने इस पुनर्व्याख्या को शिक्षा, विश्वास, चरित्र निर्माण के साथ-साथ भारत से संबंधित सामाजिक मुद्दों पर लागू किया था| स्वामी जी ने पश्चिम में योग को शुरू करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी | विवेकानंद के अनुसार एक देश का भविष्य उसके लोगों पर निर्भर करता है|

जिसमें कहा गया है कि “मानव-निर्माण मेरा मिशन है।”  धर्म इस मानव-निर्माण में एक केंद्रीय भूमिका निभाता है, जिसमें “मानव जाति को अपनी दिव्यता का प्रचार करने के लिए, और इसे जीवन के हर आंदोलन में कैसे प्रकट किया जाए|

Continue Reading

बचल खुचल

क्यों मनाई जाती हैं ज्योतिराव फुले की जयंती?

mm

Published

on

२8 नवंबर को 19वीं सदी के हमारे एक भारतीय महान विचारक, समाज सेवी, लेखक ज्योति गोविंदराव फुले की जयंती मनाई जाती है। इन्हें एक महान समाज सुधारक कहा जाता है क्योंकि फुले ने सदैव महिलाओं व दलितों के उत्थान के लिए कार्य किए थे। इनके जीवन में कुछ मुख्य उद्धेश्य थे। जैसे समाज के सभी वर्गाें को शिक्षा प्रदान करवाना, जाति पर आधारित विभाजन और होने वाले भेदभाव के विरूद्ध आवाज उठाना।
इनका पूरा जीवन स्त्रियों को शिक्षा प्रदान करवाने, बाल विवाह के विरूद्ध, स्त्रियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में, विधवा विवाह का सर्मथन करने में व्यतीत हो गया। फुले समाज को कुप्रथा, अंधश्रद्धा की जाल से समाज को मुक्त करना चाहते थे। इसलिए ज्योतिराव फुले ने सभी कार्य महिलाओं के हित में किए। वह महिलाओं को स्त्री-पुरूष भेदभाव से बचाना चाहते थे।
जब 19वीं सदी में स्त्रियों को शिक्षा नहीं दी जाती थी। उस समय उन्होंने दृढ़ निश्चय किया कि वह समाज में क्रांतिकारी बदलाव लाकर रहेंगे। इसलिए उन्होंने कन्याओं के लिए भारत देश की पहली पाठशाला पुणे मे बनवाई।
सर्वप्रथम बदलाव स्वंय फुले के घर में देखने को मिला। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी सावित्रीबाई फुले को स्वंय शिक्षा पदान की थी और वह भारत की प्रथम महिला अध्यिापिका बनी थी।
फुले ने अपने दौर में धर्म समाज, परपराओं के सत्य को सामने लाने के लिए गुलामगिरी, तृतीय रत्न, किसान का कोड़ा, अछुतों की कैफियत फयत, राजा भोसला का पखड़ा नामक कई पुस्तकें लिखी।
फुले तथ उनके संगठन के संघर्ष के कारण सरकार ने एग्रीकल्चर एक्ट पास किया था। अंतिम यात्रा से पहले फुले ने भारत में सत्यशोधक समाज की स्थापना की थी| 28 नवंबर 1890 को ज्योतिराव फुले ने धरती पर अंतिम सांसे ली।

Continue Reading
सिटी न्यूज़3 weeks ago

ट्रांसफार्मेशन महारथियों को गुरु द्रोणाचार्य अवार्ड

सिटी न्यूज़3 weeks ago

अफोर्डेबल एजुकेशन के लिए डॉ सतीश फौगाट सम्मानित

खास खबर1 month ago

सेक्टर 56, 56ए में नागरिकों ने बनाया पुलिस पोस्ट

सिटी न्यूज़1 month ago

पीएसए हरियाणा ने दी डीईओ बनने पर बधाई 

सिटी न्यूज़1 month ago

तिगांव में विकास की गति और तेज होगी- ओमप्रकाश धनखड़

सिटी न्यूज़2 months ago

फौगाट स्कूल में एडीसी ने किया मिनी IIT का उद्घाटन 

बचल खुचल2 months ago

जिज्ञासु ने किताब में दर्द जमा किए हैं – रणबीर सिंह

whitemirchiexclusive3 months ago

केंद्र सरकार इस बार कुछ नए तरीकों से मनाएगी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती

वाह ज़िन्दगी3 months ago

आपातकाल में मकरसंक्रांति कैसे मनाएं ?

सिटी न्यूज़3 months ago

खजानी वूमैनस वोकेशनल इइंस्टिट्यूट में मनाया गया लोहड़ी पर्व

WhiteMirchi TV1 year ago

अपनी छाती न पीटें, मजाक न उड़ाएं…. WhiteMirchi

WhiteMirchi TV1 year ago

लेजर वैली पार्क बना किन्नरों की उगाही का अड्डा WhiteMirchi

WhiteMirchi TV1 year ago

भांकरी फरीदाबाद में विद्यार्थी तेजस्वी तालीम शिविर में भाग लेंगे फौगाट स्कूल के बच्चे| WhiteMirchi

WhiteMirchi TV1 year ago

महर्षि पंकज त्रिपाठी ने दी कोरोना को लेकर सलाह WhiteMirchi

WhiteMirchi TV1 year ago

डीसी मॉडल स्कूल के छात्र हरजीत चंदीला ने किया फरीदाबाद का नाम रोशन | WhiteMirchi

WhiteMirchi TV1 year ago

हरियाणा के बच्चों को मिलेगा दुनिया घूमने का मुफ्त मौका WhiteMirchi

WhiteMirchi TV1 year ago

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। WhiteMirchi

WhiteMirchi TV1 year ago

किसी को देखकर अनुमान मत लगाओ! हर लुंगी पहनने वाला गंवार या अनपढ़ नहीं होता!! WhiteMirchi

WhiteMirchi TV1 year ago

संभल कर चलें, जिम्मेदार सो रहे हैं। WhiteMirchi

WhiteMirchi TV1 year ago

शहीद परिवार की हालत जानकर खुद को रोक नहीं सके सतीश फौगाट। WhiteMirchi

लोकप्रिय