Connect with us

बचल खुचल

जानिए क्या कहता है 13 दिसंबर का इतिहास

Published

on

whitemirchi.com

देश और दुनिया के इतिहास में 13 दिसंबर का दिन कई अन्य घटनाओं के तौर पर दर्ज है| इसके अलावा ये भी कह सकते हैं कि उन लोगों के जन्म का दिन हैं जिन्होंने इस दुनिया में आज के दिन आकर ही कई बड़े कार्यों को पूरा किया और कई ऐसे लोग जो आज के ही इस दुनिया से कई बड़े कार्यों को करके चले गए|

आइए जानते हैं आज के दिन के बारें में:-

  • 1232 – गुलाम वंश के शासक इल्तुतमिश ने ग्वालियर पर कब्जा किया।
  • 1916 – आस्ट्रिया के टायरॉल में हिमस्खलन से 24 घंटे में 10,000 ऑस्ट्रियाई और इतालवी सैनिकों की मौत।
  • 1920 – नीदरलैंड के हेग में लीग ऑफ नेशनस का अंतरराष्ट्रीय न्यायालय स्थापित।
  • 1921 – बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय का उद्घाटन ‘प्रिंस ऑफ वेल्स’ ने किया था।
  • 1937 – चीन और जापान के बीच हुए नानज़िंग के युद्ध में जापानियों की जीत हुई। इसके बाद लंबे समय तक नरसंहार और अत्याचार का दौर चला।
  • 1955 – भारत और सोवियत संघ ने पंचशील प्रकाशन को स्वीकार किया।
  • 1959 – आर्क विशप वकारियोस साइप्रस के प्रथम राष्ट्रपति चुने गए।
  • 1961 – मंसूर अली ख़ान पटौदी ने अपना टेस्ट मैच करियर दिल्ली में इंग्लैंड के खिलाफ शुरू किया था।
  • 1974 – माल्टा गणतंत्र बना।
  • 1981 – पोलैंड में सेना द्वारा सत्ता पर कब्ज़ा।
  • 1989 – गृह मंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद की बेटी को आतंकवादियों के चंगुल से छुड़ाने के बदले पांच कश्मीरी आतंकवादियों को जेल से रिहा किया गया।
  • 1996 – कोफी अन्नान संयुक्त राष्ट्र के महासचिव चुने गए।
  • 1998 – महात्मा रामचन्द्र वीर को कोलकाता के बड़ा बाज़ार लाइब्रेरी की ओर से “भाई हनुमान प्रसाद पोद्दार राष्ट्र सेवा” पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • 2001 – दिल्ली स्थित भारतीय संसद पर आतंकवादी हमला।
  • 2001 – इस्रायल ने यासिर अराफात से सम्पर्क तोड़े।
  • 2003 – भूतपूर्व इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को उनके गृह नगर टिगरीट के निकट गिरफ्तार कर लिया गया।
  • 2002 – यूरोपीय संघ का विस्तार किया गया। साइप्रस, चेक गणराज्य, एस्टोनिया, हंगरी, लातविया, लिथुआनिया, पोलैंड, स्लोवाकिया और स्लोवेनिया इसमें शामिल किए गए।
  • 2004 – इस्लामाबाद में भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु और सर क्रीक पर वार्ता प्रारम्भ।
  • 2004 – भूतपूर्व चिलि तानाशाह जनरल अगस्टो पिनोसे अपहरण और नरसंहार के 9 आरोप लगने के बाद घर में नजरबंद कर दिए गए।
  • 2006 – 150वें सदस्य के रूप में वियतनाम को शामिल करने हेतु विश्व व्यापार संगठन द्वारा अधिसूचना जारी।
  • 2007 – श्रीलंका सेना व लिट्टेे के मध्य हुए संघर्ष में 17 लिट्टे उग्रवादी मारे गये।
  • 2008 – जम्मू-कश्मीर के पाँचवें चरण के लिए 11 विधानसभा क्षेत्रों में 57% मतदान हुआ।
    जन्म
  • 1903 – इलाचन्द्र जोशी – हिन्दी में मनोवैज्ञानिक उपन्यासों के आरम्भकर्ता।
  • 1925 – लक्ष्मी चंद्र जैन – भारत के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री थे।
    निधन
  • 1048 – अलबेरूनी – एक फ़ारसी विद्वान् लेखक, वैज्ञानिक, धर्मज्ञ तथा विचारक।
  • 1986 – स्मिता पाटिल – हिन्दी फ़िल्मों की प्रसिद्ध भारतीय अभिनेत्री|

बचल खुचल

जिज्ञासु ने किताब में दर्द जमा किए हैं – रणबीर सिंह

mm

Published

on

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ रणबीर सिंह ने किया पूर्व आयकर अधिकारी के काव्य का विमोचन

फरीदाबाद।
काव्य जीवन जलधि के मोती वास्तव में जीवन के दर्दों का संग्रह है। जो हमारा ध्यान बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करता है। यह सभी को अवश्य ही पढऩी चाहिए। यह बात दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ रणबीर सिंह ने कही। वह यहां होटल राजहंस में पूर्व आयकर अधिकारी हुकम सिंह दहिया जिज्ञासु के काव्य का विमोचन करने पहुंचे थे।
कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री सिंह ने युवाओं से अपील की कि बेशक आज आपके पास अनेक साधन मौजूद हों लेकिन आप साहित्य अवश्य ही पढें। यह जीवन सिखाते हैं। श्री सिंह ने कहा कि इस पुस्तक को चार प्रमुख भागों में बांटा गया है, जिनमें लेखक की फिक्र, सोच, अहसास और इरादे साफ साफ नजर आते हैं। यह पुस्तक हमें एक उम्मीद बांधती है कि हम अपनी रोशनी खुद बन सकते हैं। इसमें एक बेहतर भविष्य की रचना की गई है, जिसमें पुराने बंधन दिखाई नहीं देते। वास्तव में पुस्तक में संग्रहित लेखक के मसले आज सबके मसले हैं। बता दें कि श्री सिंह लेखक के भतीजे भी लगते हैं। इसलिए वह पूरे संबोधन में लेखक को चाचा ही बोलते रहे। उन्होंने चाचा भतीजे की नजदीकियों का भी जिक्र किया।


पुस्तक की समीक्षा मशहूर शायर एवं कवि ज्योति संग ने की। उन्होंने कहा कि जिज्ञासु ने पुस्तक में भावनाओं और संवेदनाओं को संयोजित किया है। उन्होंने पुस्तक को महाकाव्य कहे जाने की संस्तुति की। अधिवक्ता आर के मल्होत्रा ने कहा कि लेखक मेरे मित्र हैं, लेकिन आज उनकी रचना को पढक़र मैं उनके प्रति और संवेदनशील हो गया हूं। उन्होंने पुस्तक में मन, ईश्वर और प्रकृति के बारे में अपनी राय लिखी है जो आज के समय में बेहद जरूरी है।
लेखक हुकम सिंह दहिया जिज्ञासु ने काव्य की अपनी कुछ चुनिंदा पंक्तियों को गाकर प्रस्तुत किया। जिसे सभी ने सराहा। उन्होंने बताया कि उनकी पुस्तक अमेजन और फ्लिपकार्ट पर भी उपलब्ध है। कार्यक्रम में कवि राजेश खुशदिल और कवि एस एन भारद्वाज ने भी अपनी रचनाओं से लोगों की वाहवाही लूटी। वहीं संचालन कवि श्रीचंद भंवर ने व संयोजन लेखक के पुत्र एवं गुजरात कैडर के आईएएस अजय दहिया ने किया।
इस अवसर पर पूर्व आयकर अधिकारी रामदत्त शर्मा, डीडीए के पूर्व उपनिदेशक प्रेम सिंह दहिया, कर्मचंद आदि प्रमुख व्यक्ति मौजूद रहे।

Continue Reading

बचल खुचल

उन्होंने बचपन में ही कह दिया था इन अंग्रेजों की किताब तो बिलकुल नहीं पढ़ूँगा

mm

Published

on

पूरा विश्व 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को मनाता है| “स्वामी विवेकानंद ने राष्ट्र निर्माण और सार्वभौमिक भाईचारे के प्रति युवा शक्ति को बहुत महत्व दिया था। भारत के महान आध्यात्मिक और सामाजिक नेताओं में से एक, स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन को सम्मानित करने के लिए12 जनवरी को चुना गया था। इस दिन देश भर में जगह जगह  परेड, खेल कार्यक्रम, संगीत, सम्मेलन, स्वयंसेवक परियोजनाओं, और युवा उपलब्धियों के प्रदर्शनों जैसे कार्यक्रम किये जाते हैं| स्वामी विवेकानंद भारत के एक हिंदू  भिक्षु थे। स्वामी जी ने 19 वीं और 20 वीं शताब्दी के बढ़ते भारतीय राष्ट्रवाद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, हिंदू धर्म के कुछ पहलुओं को फिर से परिभाषित और सामंजस्यपूर्ण बनाया। उनकी शिक्षाओं और दर्शन ने इस पुनर्व्याख्या को शिक्षा, विश्वास, चरित्र निर्माण के साथ-साथ भारत से संबंधित सामाजिक मुद्दों पर लागू किया था| स्वामी जी ने पश्चिम में योग को शुरू करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी | विवेकानंद के अनुसार एक देश का भविष्य उसके लोगों पर निर्भर करता है|

जिसमें कहा गया है कि “मानव-निर्माण मेरा मिशन है।”  धर्म इस मानव-निर्माण में एक केंद्रीय भूमिका निभाता है, जिसमें “मानव जाति को अपनी दिव्यता का प्रचार करने के लिए, और इसे जीवन के हर आंदोलन में कैसे प्रकट किया जाए|

Continue Reading

बचल खुचल

क्यों मनाई जाती हैं ज्योतिराव फुले की जयंती?

mm

Published

on

२8 नवंबर को 19वीं सदी के हमारे एक भारतीय महान विचारक, समाज सेवी, लेखक ज्योति गोविंदराव फुले की जयंती मनाई जाती है। इन्हें एक महान समाज सुधारक कहा जाता है क्योंकि फुले ने सदैव महिलाओं व दलितों के उत्थान के लिए कार्य किए थे। इनके जीवन में कुछ मुख्य उद्धेश्य थे। जैसे समाज के सभी वर्गाें को शिक्षा प्रदान करवाना, जाति पर आधारित विभाजन और होने वाले भेदभाव के विरूद्ध आवाज उठाना।
इनका पूरा जीवन स्त्रियों को शिक्षा प्रदान करवाने, बाल विवाह के विरूद्ध, स्त्रियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में, विधवा विवाह का सर्मथन करने में व्यतीत हो गया। फुले समाज को कुप्रथा, अंधश्रद्धा की जाल से समाज को मुक्त करना चाहते थे। इसलिए ज्योतिराव फुले ने सभी कार्य महिलाओं के हित में किए। वह महिलाओं को स्त्री-पुरूष भेदभाव से बचाना चाहते थे।
जब 19वीं सदी में स्त्रियों को शिक्षा नहीं दी जाती थी। उस समय उन्होंने दृढ़ निश्चय किया कि वह समाज में क्रांतिकारी बदलाव लाकर रहेंगे। इसलिए उन्होंने कन्याओं के लिए भारत देश की पहली पाठशाला पुणे मे बनवाई।
सर्वप्रथम बदलाव स्वंय फुले के घर में देखने को मिला। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी सावित्रीबाई फुले को स्वंय शिक्षा पदान की थी और वह भारत की प्रथम महिला अध्यिापिका बनी थी।
फुले ने अपने दौर में धर्म समाज, परपराओं के सत्य को सामने लाने के लिए गुलामगिरी, तृतीय रत्न, किसान का कोड़ा, अछुतों की कैफियत फयत, राजा भोसला का पखड़ा नामक कई पुस्तकें लिखी।
फुले तथ उनके संगठन के संघर्ष के कारण सरकार ने एग्रीकल्चर एक्ट पास किया था। अंतिम यात्रा से पहले फुले ने भारत में सत्यशोधक समाज की स्थापना की थी| 28 नवंबर 1890 को ज्योतिराव फुले ने धरती पर अंतिम सांसे ली।

Continue Reading
बक Lol2 weeks ago

मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने क्यों कहा, यह कांग्रेस की नहीं मोदी की सरकार है

खास खबर2 weeks ago

क्या पार्षद पर शराब पीने का आरोप लगाने वाले विधायक Neeraj Sharma भी शराब के नशे में थे?

WhiteMirchi TV2 weeks ago

दूसरे के घर में रहकर अपने घर की सफाई नामुमकिन है!

रूह-ब-रूह2 weeks ago

उम्मीदवार ऐसा चुनें, जिससे आपकी बहु बेटी सुरक्षित रहें

WhiteMirchi TV2 weeks ago

गुनाहों का देवता ही क्यों, गुनाहों का खुदा क्यों नहीं?

रूह-ब-रूह2 weeks ago

ताऊ देवीलाल की नीतियों से क्यों प्रभावित हैं डॉ सतीश फौगाट

WhiteMirchi TV2 weeks ago

डॉ आंबेडकर हैं आधुनिक मनु !

बक Lol3 weeks ago

पत्रकार को पालतू कहने पर मीडियाकर्मियों में तू-तू मैं-मैं

खास खबर3 weeks ago

अतिक्रमण नहीं किया, मां ने बारिश में डूबने से बचाया घर – विधायक

सिटी न्यूज़4 weeks ago

प्रशान्त नागर ने दहेज न लेकर समाज को दिखाई राह – राजेश नागर

खास खबर3 weeks ago

अतिक्रमण नहीं किया, मां ने बारिश में डूबने से बचाया घर – विधायक

सिटी न्यूज़4 weeks ago

आरडब्ल्यूए सेक्टर 56, 56ए की मांग पर मंत्रियों ने दी सौगात

बक Lol3 weeks ago

पत्रकार को पालतू कहने पर मीडियाकर्मियों में तू-तू मैं-मैं

खास खबर4 weeks ago

यूथ कांग्रेस का हाथ, नव धनाढ्यों के साथ

वाह ज़िन्दगी4 weeks ago

सिद्धदाता आश्रम में डेल्टा प्लस वायरस से मुक्ति के लिए यज्ञ

सिटी न्यूज़4 weeks ago

प्रशान्त नागर ने दहेज न लेकर समाज को दिखाई राह – राजेश नागर

खास खबर2 weeks ago

क्या पार्षद पर शराब पीने का आरोप लगाने वाले विधायक Neeraj Sharma भी शराब के नशे में थे?

shri sidhdata ashram
सिटी न्यूज़4 weeks ago

श्री सिद्धदाता आश्रम में पुजारियों सेवादारों को लगी वैक्सीन

रूह-ब-रूह2 weeks ago

ताऊ देवीलाल की नीतियों से क्यों प्रभावित हैं डॉ सतीश फौगाट

बक Lol2 weeks ago

मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने क्यों कहा, यह कांग्रेस की नहीं मोदी की सरकार है

खास खबर2 weeks ago

क्या पार्षद पर शराब पीने का आरोप लगाने वाले विधायक Neeraj Sharma भी शराब के नशे में थे?

WhiteMirchi TV2 weeks ago

दूसरे के घर में रहकर अपने घर की सफाई नामुमकिन है!

WhiteMirchi TV2 weeks ago

गुनाहों का देवता ही क्यों, गुनाहों का खुदा क्यों नहीं?

WhiteMirchi TV2 weeks ago

डॉ आंबेडकर हैं आधुनिक मनु !

WhiteMirchi TV2 months ago

जाति छोड़ना मुश्किल और धर्म छोड़ना आसान है क्या ?

WhiteMirchi TV2 months ago

ऐसे मिलेगा जाति से छुटकारा !!!!

WhiteMirchi TV3 months ago

कैसे लिंगायाज विद्यापीठ छात्रों को बेचने लायक बना रही है?

WhiteMirchi TV1 year ago

अपनी छाती न पीटें, मजाक न उड़ाएं…. WhiteMirchi

WhiteMirchi TV1 year ago

लेजर वैली पार्क बना किन्नरों की उगाही का अड्डा WhiteMirchi

WhiteMirchi TV1 year ago

भांकरी फरीदाबाद में विद्यार्थी तेजस्वी तालीम शिविर में भाग लेंगे फौगाट स्कूल के बच्चे| WhiteMirchi

लोकप्रिय