Connect with us

खास खबर

परिवर्तन की मांग दरकिनार, गाँधी टैग बरक़रार

mm

Published

on

डेस्क| जिसकी उम्मीद थी वही हुआ| एक बार फिर सोनिया गाँधी कांग्रेस की अध्यक्ष बन गयी हैं| कांग्रेस नेतृत्व में परिवर्तन के लिए लिखी चिट्ठी को लेकर वरिष्ठ कांग्रेसियों को मुहं की खानी पड़ी|
CWC की बैठक में परिवर्तन की मांग करते हुए चिट्ठी लिखने वाले कोंग्रेसियों को लपेट लिया गया| बैठक में गाँधी परिवार छाया रहा| बैठक शुरू होते ही कांग्रेस के वरिष्ठ नागरिकों की चिट्ठी सार्वजनिक हो जाने पर जमकर बहस हुयी| इस पृष्ठ भूमि में सोनिया गांधी ने अंतरिम अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफे की पेशकश की। लेकिन बड़ी सफाई से उस चिट्ठी का जवाब भी दिया जिसमें नेतृत्‍व पर सवाल उठाए गए थे।
पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने चिठ्ठी की टाइमिंग पर सवाल किए|  राहुल ने कहा सोनिया गांधी के अस्पताल में भर्ती होने के समय ही पार्टी नेतृत्व को लेकर पत्र क्यों भेजा गया?’ उन्होंने इस चिट्ठी में बीजेपी की मिलीभगत की बात की| यह सुनते ही वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर मिलीभगत साबित हो गई तो वे इस्‍तीफा दे देंगे।
लेकिन इससे भी काम नहीं चला और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व एके एंटनी ने भी चिट्ठी लिखने के कदम की आलोचना की। दोनों नेताओं ने चिठ्ठी को दरकिनार करते हुए सोनिया गांधी को नया पार्टी अध्यक्ष चुने जाने तक अंतरिम अध्यक्ष के पद पर बने रहने की बात कही| जिसे सोनिया गाँधी ने झट से मान लिया|
गौरतलब है कि नेतृत्व परिवर्तन की मांग करते हुए 23 कांग्रेसियों ने एक चिठ्ठी लिखी थी जिसमे राज्‍यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्रियों- आनंद शर्मा, कपिल सिब्‍बल, मनीष तिवारी, शशि थरूर, सांसद विवेक तनखा, AICC और CWC के मुकुल वासनिक और जितिन प्रसाद के नाम हैं। इसके अलावा पूर्व मुख्‍यमंत्रियों भूपिंदर सिंह हुड्डा, राजेंद्र कौर भटट्ल, एम वीरप्‍पा मोइली, पृथ्‍वीराज चव्‍हाण, पीजे कुरियन, अजय सिंह, रेणुका चौधरी, मिलिंद देवड़ा, अखिलेश प्रसाद सिंह, कुलदीप शर्मा, योगानंद शास्‍त्री और संदीप दीक्षित के नाम भी शामिल हैं| इसके अलावा प्रदेश कमेटियां संभाल चुके राज बब्‍बर, अरविंदर सिंह लवली और कौल सिंह ने भी चिट्ठी को स‍मर्थन दिया है|
सिब्बल ने राहुल को दिया करारा जवाब
राहुल गांधी के ‘बीजेपी संग मिलीभगत’ का आरोप लगाने के बाद सिब्‍बल ने ट्वीट किया, “राजस्‍थान हाई कोर्ट में कांग्रेस पार्टी को सफलतापूर्वक डिफेंड किया। मणिपुर में बीजेपी सरकार गिराने में पार्टी का बचाव किया। पिछले 30 साल में किसी मुद्दे पर बीजेपी के पक्ष में कोई बयान नहीं दिया। लेकिन फिर भी हम ‘बीजेपी के साथ मिलीभगत कर रहे हैं। सिब्बल ने तो अपने ट्विटर बायो से कांग्रेस भी हटा दिया है|

खास खबर

मुग़ल सम्राट जहांगीर की रजामंदी से बसा था फरीदाबाद

mm

Published

on

faridabad

सिद्धि वर्मा
दिल्ली एनसीआर का सबसे नजरअंदाज शहर रहा है फरीदाबादआपको आज बता रहे हैं फ़रीदाबाद के बारे में| वही फ़रीदाबाद जिसे एनसीआर में लगातार नजर अंदाज़ किया गया है| लेकिन आपको पता है कि मुग़ल काल में बसे इस शहर के महत्त्व के बारे में बादशाह जहांगीर भी परिचित था तभी उन्होंने अपने कोषाध्यक्ष शेख फरीद को इस शहर को बसाने की इजाज़त दी थी|
मुगल सम्राट जहांगीर दिल्ली और आगरा के बीच इस ग्रैंड ट्रंक रोड की सुरक्षा के लिए एक शहर बसाना चाहता था जिसके लिए ओल्ड फ़रीदाबाद का चयन किया गया| उन्होंने अपने कोषाध्यक्ष शेख फरीद के जरिये 1607 में फ़रीदाबाद नगर की स्थापना करवाई| जिन्होंने यहां एक शहर बनाया। आज के गोपी कॉलोनी (ओल्ड फ़रीदाबाद) के पास तालाब रोड पर, उनके मक़बरे या मकबरा को अभी भी देखा जा सकता है|
हालाँकि आधुनिक भारत में फ़रीदाबाद का अस्तित्व एक पूर्ण जिले के रूप में 15 अगस्त, 1979 को हरियाणा के मानचित्र पर आया| फ़रीदाबाद जिला भारतीय राज्य हरियाणा के 22 जिलों में से एक है, जिसमें फ़रीदाबाद शहर जिला मुख्यालय है। 2011 तक यह गुरुग्राम जिले के बाद हरियाणा का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला जिला था। 2011 की जनगणना के अनुसार  फ़रीदाबाद जिले की जनसंख्या 1,809,733 है। जिले का जनसंख्या घनत्व 2,442 निवासियों प्रति वर्ग किलोमीटर (6,320 / वर्ग मील) है।
भारत की 2011 की जनगणना के समय फ़रीदाबाद  जिले में 93.29% लोगों ने हिंदी , 3.74% पंजाबी , 0.89% उर्दू और 0.60% बंगाली को अपनी पहली भाषा बताया गया था।फ़रीदाबाद कृषि  क्षेत्र से मेहँदी उत्पादन  ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, स्विच गियर, रेफ्रिजरेटर, जूते, टायर और वस्त्र के लिए प्रसिद्ध रहा है|कुछ समय पहले फ़रीदाबाद में  निराशा की लहर भी आई थी क्योंकि राजनैतिक कारणों से फ़रीदाबाद का विकास कुछ समय धीमा रहा| 90 के दशक में प्रगति लगभग नकारात्मक थी  क्योंकि सभी मौजूदा उद्योग भी कमजोर बुनियादी ढांचे, खराब बिजली आपूर्ति, पर्यावरण के मुद्दों आदि के कारण यहाँ उद्योग जैसे मरते गए। लेकिन धीरे- धीरे फ़रीदाबाद उभरने लगा और आज इस फ़रीदाबाद शहर में  नई-नई इंडस्ट्रियो का खुलना, मेट्रो साधन का होना इत्यादि जैसे हम अनेक उदाहरण देख सकते हैं| 
पर्यावरण में पिछड़ गया था फ़रीदाबाद शहर 
2018 में, फ़रीदाबाद को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर माना था।  उस वर्ष में फ़रीदाबाद के सामने पर्यावरण को लेकर ऐसा मोड़ आया था कि जनता जनार्दन को बहुत ही दुखमय समय का सामना करना पड़ा था| फ़रीदाबाद एक ऐसा शहर बन गया था  कि लोग शुद्ध हवा के मोहताज होते  जा रहे थे| लेकिन अब यह शहर धीरे- धीरे प्रगति की राह पर चलने लगा जैसे कि  नए- नए पेड़ पौधों का पौद्दारोपण करने लगे अधिक से अधिक हरियाली की ओर चलने लगे और शहर को उजागर करने में समर्थन देने लगे व अधिक से अधिक बढ़ चढ़कर पर्यावरण को बचने के लिए मोहिम चलाने में लग गए| प्रमुख स्थल
फ़रीदाबाद  में पर्यटकों के लिए भी इस शहर  में बहुत कुछ लुभावनी चीजें हैं जैसे सूरजकुंड रोड पर श्री सिद्धदाता आश्रम, बल्लभगढ़ में नाहर सिंह महल, सूरजकुंड, धौज झील, 46000 वर्ग मीटर में फैला क्राउन इंटीरियरज़ मॉल, बाबा फरीद की समाधि आदि अनेक स्थान इस शहर की पहचान हैं| 

Continue Reading

खास खबर

नई दिल्ली में रहने वाले बुजुर्ग परेशान न हो

mm

Published

on

SENIOR CITIZENS

नई दिल्ली के जिला प्रशासन ने बुजुर्गों की मदद के लिए हस्गुल्ला हेल्पलाइन  की शुरुआत की है| यह हेल्पलाइन उन बुजुर्गों की मदद करेगी जो मानव जीवन की कुछ परेशानियों से घ्रस्त हैं| यह हेल्पलाइन बुजुर्गों की मदद करने तथा उनको सेवाएं प्रदान करने का एक छोटा सा ज़रिया है| यह हेल्पलाइन सुविधा डीएम के ऑफिस से संचालित होगी| इस  हेल्पलाइन को मनोवैज्ञानिकों, कानूनी विशेषज्ञों, डॉक्टरों आदि से जोड़ा जा रहा है| जिससे हर प्रकार की परेशानी या आपदा को दूर किया जा सके| युवा पीढ़ी तो हर जगह घूम-घाम कर अपना मनोरंजन कर लेती है परन्तु बुजुर्ग नहीं कर पाते हैं इसलिए उनके मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए  नई दिल्ली जिला भी एक हस्गुल्ला क्लब के साथ आया है, जो बुजुर्ग लोगों के लिए मनोरंजन और फिर से दिन की देखभाल की सुविधा प्रदान करेगा।
शहर के अतिरिक्त मुख्य सचिव सत्य गोपाल द्वारा खान मार्केट स्थित नई दिल्ली आपदा नियंत्रण कक्ष में शुक्रवार को इस हेल्पलाइन का उदघाटन किया गया है।  

Continue Reading

खास खबर

हाथरस पीड़िता के परिवार ने किया नार्को टेस्ट करवाने से इंकार

mm

Published

on

hatrhras gangrape

यूपी के हाथरस केस में बड़ा मोड़ आ गया है. पीड़ित परिवार ने अपना नार्को टेस्ट कराने से इनकार कर दिया है|  परिवार का कहना है कि उन्हें टेस्ट नहीं केवल इंसाफ चाहिए| यह खबर जी न्यूज़ की वेबसाइट से ली गयी है|
मामले में लगातार घुमाव को देखते हुएयोगी सरकार ने अब डैमेज कंट्रोल की कोशिशें तेज कर दी हैं|  सरकार ने लखनऊ से डी जीपी हितेश चंद्र अवस्थी और  मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को हाथरस के लिए रवाना किया है| दोनों अधिकारी हाथरस पहुँचकर पीड़ित परिवार से बात करेंगे|

Continue Reading
WhiteMirchi TV7 months ago

अपनी छाती न पीटें, मजाक न उड़ाएं…. WhiteMirchi

WhiteMirchi TV7 months ago

लेजर वैली पार्क बना किन्नरों की उगाही का अड्डा WhiteMirchi

WhiteMirchi TV7 months ago

भांकरी फरीदाबाद में विद्यार्थी तेजस्वी तालीम शिविर में भाग लेंगे फौगाट स्कूल के बच्चे| WhiteMirchi

WhiteMirchi TV8 months ago

महर्षि पंकज त्रिपाठी ने दी कोरोना को लेकर सलाह WhiteMirchi

WhiteMirchi TV8 months ago

डीसी मॉडल स्कूल के छात्र हरजीत चंदीला ने किया फरीदाबाद का नाम रोशन | WhiteMirchi

WhiteMirchi TV8 months ago

हरियाणा के बच्चों को मिलेगा दुनिया घूमने का मुफ्त मौका WhiteMirchi

WhiteMirchi TV8 months ago

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। WhiteMirchi

WhiteMirchi TV8 months ago

किसी को देखकर अनुमान मत लगाओ! हर लुंगी पहनने वाला गंवार या अनपढ़ नहीं होता!! WhiteMirchi

WhiteMirchi TV8 months ago

संभल कर चलें, जिम्मेदार सो रहे हैं। WhiteMirchi

WhiteMirchi TV8 months ago

शहीद परिवार की हालत जानकर खुद को रोक नहीं सके सतीश फौगाट। WhiteMirchi

लोकप्रिय